सेवा में, श्रीमान अनिल कवर उर्फ भोले शंभू उर्फ शंकर देवता जी, सहायक सेनानी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी बटालियन साबरमती विषय : खुद की चूत की आत्महत्या हेतु धारा 34 आईपीसी के तहत विधायिका एंड फैमिली के विरुद्ध लिखित प्राथमिकी दर्ज करने बाबत असिस्टेंट सेनानी महोदय, उपरोक्त विषयांतर्गत निवेदन है कि सुनने में आया है कि जब धरती पर 17725 साल पहले भूकंप धंधा ज्वालामुखी धंधा रूस यूक्रेन युद्ध धंधा आया था तो आप ही ने गंगा जटाओं में भरकर समस्त चूतों का उद्धार किया था और आपने ब्रह्मांड के समस्त विश्व के विष को पी लिया था और जहर सेवन के कारण ही आपका लिंग नीला पड़ गया था और इसीलिए आपकी फोटो के ऊपर मटका धंधा लगाकर निरंतर पानी की बौछार की जाती है । पुनः निवेदन है कि यह धरती यह जहान यह आसमान आपके हमसफर किसी चूतिया जी के और सहंशाह जी के बदौलत 50000 साल अस्तित्व में रह चुका है । ईसा धंधे के बाद ना सिर्फ 2023 साल बल्कि 2 महीने 25 दिन 25 रात 12 घंटे 43 मिनट और 48 सेकेंड तक हम समस्त 2 पाया आप की मेहरबानी से नष्ट नहीं हुए हैं किंतु अधो हस्ताक्षर करता को आशंका है कि निकट एक आधी माह में पत्रकार 10 - 15 L रुपए पी सी जैन कंपनी में 3 गुना के चक्कर में पागल हो जाएंगे और 16 से 23 मार्च 2023 तक नक्सली साम्राज्यवादी अधिकार सहित भगत सिंह सुखदेव राजगुरु सप्ताह मनाएंगे और इसके पहले होली धंधा महिला दिवस धंधा मनाया जाना है और साथ ही नवरात्रि धंधा भी मनाना जाना है किंतु इन सभी के पहले माननीय विधायिका महोदया ने आपके प्रशंसक की कब्रगाह के पीछे क्रिकेट का महिला हो अल्लाह शुरू कर दिया है जिससे वह इतना अधिक ज्यादा पागल हो गया है कि आपके टांगरी होने के बावजूद भी आप की जटाओं में गंगा की कल्पना कर रहा है किंतु भगवान गिरी का धंधा राजकुमारी बघेल सरपंच की पूजा पाठ करना नहीं छोड़ पा रहा है । अगर यही आलम रहा और आपने सातवां वेतनमान नहीं स्वीकृत कर पाए और इसके पहले ही नया कोई पागल सेनानी या तो रेडीमेड पागल आ गया या सुखनाथ चपरासी जी ने उसे पागल बना दिया और यह मनुष्य जाति पागल एसडीओ जूनियर को भेजने में सीनियर उप अभियंता के पागल होने के बाद बिना क्रमोन्नति फिनिश हो गई तो इसका जिम्मेदार अरुण गोविल नहीं होगा जो कभी-कभी राम धॅधा बनता है और कभी तो शंकर धॅधा बनने की भी कोशिश करता है । जय हिंद जय भारत स्थान साबरमती दिनांक 25 फरवरी 2023 समय दिनदहाड़े 12:00 बजे प्रार्थी स्वर्गीय दिनेश भाटया
सेवा में,
श्रीमान अनिल कवर उर्फ भोले शंभू उर्फ शंकर देवता जी,
सहायक सेनानी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी बटालियन साबरमती
विषय : खुद की चूत की आत्महत्या हेतु धारा 34 आईपीसी के तहत विधायिका एंड फैमिली के विरुद्ध लिखित प्राथमिकी दर्ज करने बाबत
असिस्टेंट सेनानी महोदय,
उपरोक्त विषयांतर्गत निवेदन है कि सुनने में आया है कि जब धरती पर 17725 साल पहले भूकंप धंधा ज्वालामुखी धंधा रूस यूक्रेन युद्ध धंधा आया था तो आप ही ने गंगा जटाओं में भरकर समस्त चूतों का उद्धार किया था और आपने ब्रह्मांड के समस्त विश्व के विष को पी लिया था और जहर सेवन के कारण ही आपका लिंग नीला पड़ गया था और इसीलिए आपकी फोटो के ऊपर मटका धंधा लगाकर निरंतर पानी की बौछार की जाती है ।
पुनः निवेदन है कि यह धरती यह जहान यह आसमान आपके हमसफर किसी चूतिया जी के और सहंशाह जी के बदौलत 50000 साल अस्तित्व में रह चुका है । ईसा धंधे के बाद ना सिर्फ 2023 साल बल्कि 2 महीने 25 दिन 25 रात 12 घंटे 43 मिनट और 48 सेकेंड तक हम समस्त 2 पाया आप की मेहरबानी से नष्ट नहीं हुए हैं किंतु अधो हस्ताक्षर करता को आशंका है कि निकट एक आधी माह में पत्रकार 10 - 15 L रुपए पी सी जैन कंपनी में 3 गुना के चक्कर में पागल हो जाएंगे और 16 से 23 मार्च 2023 तक नक्सली साम्राज्यवादी अधिकार सहित भगत सिंह सुखदेव राजगुरु सप्ताह मनाएंगे और इसके पहले होली धंधा महिला दिवस धंधा मनाया जाना है और साथ ही नवरात्रि धंधा भी मनाना जाना है किंतु इन सभी के पहले माननीय विधायिका महोदया ने आपके प्रशंसक की कब्रगाह के पीछे क्रिकेट का महिला हो अल्लाह शुरू कर दिया है जिससे वह इतना अधिक ज्यादा पागल हो गया है कि आपके टांगरी होने के बावजूद भी आप की जटाओं में गंगा की कल्पना कर रहा है किंतु भगवान गिरी का धंधा राजकुमारी बघेल सरपंच की पूजा पाठ करना नहीं छोड़ पा रहा है ।
अगर यही आलम रहा और आपने सातवां वेतनमान नहीं स्वीकृत कर पाए और इसके पहले ही नया कोई पागल सेनानी या तो रेडीमेड पागल आ गया या सुखनाथ चपरासी जी ने उसे पागल बना दिया और यह मनुष्य जाति पागल एसडीओ जूनियर को भेजने में सीनियर उप अभियंता के पागल होने के बाद बिना क्रमोन्नति फिनिश हो गई तो इसका जिम्मेदार अरुण गोविल नहीं होगा जो कभी-कभी राम धॅधा बनता है और कभी तो शंकर धॅधा बनने की भी कोशिश करता है ।
जय हिंद जय भारत
स्थान साबरमती
दिनांक 25 फरवरी 2023
समय दिनदहाड़े 12:00 बजे
प्रार्थी
स्वर्गीय दिनेश भाटया

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